Mere Dholna 3.0 Lyrics in Hindi
Mere Dholna 3.0 Lyrics in Hindi – Sameer भोला भला था सीधा साधा था मैं तो नादान था दुनियादारी से होशियारी से मैं तो अंजान था लगी चोट ऐसे ही मेरे भोले दिल पे बिखर सा गया टूट के जो धागे से छूटा ये रिश्तों का मोती जुड़ेगा ना अब छुट के जहरिले सपने ने मेरे ही अपनों ने मुझको है खोखा दिया मेरे ढोल ना सुन मेरे दर्द की धुन मेरे ढोलना सुन मेरी नफ़रत तू फ़िज़ा में बहेगी ज़िंदा रहेगी हो कर फ़ना ता नी धा ना धूम ता नी धा नी धूम ता नी धा ना धूम ता नी धा नी धूम आधा अदुरा था बदन ये मेरा एक गर्ग था जो घर था मेरी जन्नत एक नर्क था आधा अद्भुत था बदन ये मेरा एक गर्ग था जो घर था मेरी जन्नत एक नर्क था ये तख्त ताज सब तेरे हैं मैं तो चला के छोड़ूंगा जिंदा बचेगा ना कोई सबको मिटा के छोड़ूंगा ये जिस्म ख़तम होता है ये रूह तो नहीं मरती चाहे कोई सितमगर हो ये रूह तो नहीं डरती
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